मेरी सेक्सी बहन शालिनी की चुदाई

(Meri Sexy Bahan Shalini ki chudai)

हैल्लो फ्रेंड्स.. मेरा नाम रोहित है.. मेरी उम्र 23 साल की है और में इस साईट की बहुत कहानियां पढ़ चुका हूँ और इसका बहुत बड़ा फैन हूँ.. इसलिए आज मैंने भी सोचा कि अपनी भी एक कहानी आप सभी लोगो से शेयर करूं.

दोस्तों यह स्टोरी मेरी पहली स्टोरी है और मेरी बड़ी बहन की है और यह आज से कुछ साल पहले की है. में आप सबको अपनी फेमिली के बारे में बताता हूँ. हमारी फेमिली में 4 सदस्य हैं.. मेरे मम्मी, पापा मेरी एक बड़ी बहन और में. मेरे पापा एक बिजनेसमैन है और हम दिल्ली में रहते है और मेरी मम्मी एक सरकारी बैंक में नौकरी करती है. हमारे घर में सभी लोग बहुत अच्छे दिखते है.. मेरे पापा, मेरी मम्मी जो कि एक बहुत खूबसूरत औरत है. वो अपने आप की बहुत देखरेख करती है और मेरी बहन का तो क्या कहना? वो तो एक बहुत ही सेक्सी लड़की है और उसका फिगर भी बड़ा मस्त है मेरी बहन का नाम शालिनी है. में भी दिखने में बहुत स्मार्ट हूँ.

हमारा दिल्ली में 3 बेडरूम का एक घर है जिसमे एक रूम मम्मी पापा का है.. एक शालिनी का है और एक मेरा. शालिनी और मेरे बेडरूम का बाथरूम एक ही है. मेरी सेक्स में बहुत ही रूचि है.. लेकिन मुझे कभी किसी के साथ मौका नहीं मिला और मेरी कोई गर्लफ्रेंड भी नहीं थी. जब घर में कोई नहीं होता था तो में हमेशा कंप्यूटर चालू करके बहुत सी ब्लू फिल्म देखा करता था.. लेकिन मेरे मन में अभी तक शालिनी को लेकर कोई ग़लत अहसास नहीं था.. लेकिन पिछले कुछ दिनों से शालिनी में कुछ बदलाव आ रहा था और उसके कपड़े पहनने में वो अक्सर धीरे धीरे फोन पर बातें करती रहती थी. तो मुझे शक था कि उसका कोई बॉयफ्रेंड है और उसके शरीर में भी बहुत कुछ बदलाव आ रहे थे.. उसकी छाती का साईज़ थोड़ा बढ़ने लगा था और मुझे पूरा यकीन था कि वो कहीं ना कहीं मज़े ले रही है.

फिर मैंने कुछ दिनों के बाद एक सेक्सी स्टोरी पढ़ी.. जिसमे एक भाई और बहन थे और वो उसमे सेक्स का मज़ा घर ही लेते थे. फिर उस दिन के बाद कभी कभी मेरे मन में भी ऐसे ख्याल आने लगे और में चुप चुपकर शालिनी को और उसके शरीर को ध्यान से देखने लगा. वो एक बेहद सेक्सी लड़की थी उसका शरीर गदराया हुआ था उसके बूब्स कयामत ढा रहे थे और वो जब चलती थी तो पीछे से क्या क़यामत लगती थी. में फिर उसको सोच सोचकर मुठ मारने लगा और सोचने लगा कि क्या कभी स्टोरी वाली बात मेरी लाईफ में भी सच होगी? और क्या में भी अपनी सेक्स की भूख को खत्म कर सकता हूँ.

फिर में कभी कभी उसके नहाने के बाद जब नहाने जाता था तो उसकी ब्रा और पेंटी को हाथ में लेकर मुठ मारता था.. मुझे उस चीज़ का एक नशा सा होने लगा था.. लेकिन उसे बोलने की मेरी कभी हिम्मत भी नहीं हो सकती थी. फिर में हर रोज उसको ग़लत नज़र से देखने लगा और मुझे यह भी पता था कि वो ब्रा पहनकर नहीं सोती है. तो यही बात सोचकर में बिना उसको महसूस किए और मुठ मारे बिना नहीं सोता था. फिर मेरा मन तो करता था कि पीछे से जाकर पकड़ लूँ और रेप कर डालूं और में उसके अंडर गारमेंट की तलाश में रहने लगा और उनको सूंघकर चाटकर पागल होने लगा.

फिर मम्मी पापा सुबह ऑफिस चले जाते थे और शालिनी ने भी कोई एक्सट्रा लॅंग्वेज क्लास शुरू कर दी थी तो वो भी सुबह 10 बजे के बाद.. शाम के 4 बजे तक घर पर नहीं रहती थी और फिर में अकेला ही घर में रहता था. फिर एक दिन मेरे मन में उसके अलमारी को चेक करने का ख्याल आया.. लेकिन वो अलमारी को हमेशा ताला लगाकर रखती थी और चाबी को हमेशा अपने पास रखती थी.. लेकिन हमारे घर में हर ताले की एक चाबी मेरी मम्मी की अलमारी में रहती थी. तो मैंने एक दिन मौका पाकर वो चाबी का गुच्छा ही मम्मी की अलमारी में से निकाल लिया और फिर सुबह होने का इंतजार करने लगा.. लेकिन उस रात मुझे पूरी रात नींद नहीं आई और मुझे ऐसा लग रहा था कि सुबह कोई खजाना मिलने वाला है. उस रात को मैंने 3 बार मुठ मारी और फिर जैसे तैसे मेरी आंख लग गयी.

जब में सुबह उठा तो सब लोग जाने के लिए तैयार हो रहे थे और फिर में भी उठा फ्रेश होकर नाश्ता करके सबके जाने का इंतजार करने लगा. फिर एक एक करके सब लोग निकल गये और आखरी में मेरी बहन भी निकल गयी. तो मैंने झट से दरवाजा बंद किया और फिर मेरी धड़कने बढ़ने लगी और मैंने अपने सारे कपड़े वहाँ पर ही हॉल में ही उतार दिए और अपने रूम से चाबी का गुच्छा लेकर शालिनी के रूम में जाने लगा. मेरा लंड एकदम टाईट हो चुका था और ऐसा लग रहा था कि में एक चोर हूँ. फिर मैंने शालिनी की अलमारी खोली जिसमे आगे उसके कपड़े और मेकअप का समान रख हुआ था. फिर मैंने देखा कि नीचे वाली जगह पर एक बेग में उसके अंडर गारमेंट रखे हुए थे.. मेरी धड़कने और बढ़ने लगी.. मैंने उस बेग को बाहर निकाल लिया और एक एक करके सब बाहर निकालने लगा और बेड पर फैला दिया.

उस बेग में अलग अलग कलर की और अलग अलग तरह की ब्रा पेंटी थी.. जिसे देखकर में अपनी बड़ी बहन को महसूस करने लगा. एक काले कलर की ब्रा जिसमे कि आगे की तरफ जाली लगी थी वो बहुत ही अच्छी लग रही थी और में अपने आप को रोक नहीं पा रहा था. उसके पास बहुत अलग अलग तरह के अंडरगार्मेंट्स थे. में उन ब्रा और पेंटी के ऊपर ही लेट गया और एक हाथ से लंड हिलाने लगा. फिर थोड़ी देर बाद जब झड़ने वाला था तो में बेड के कोने पर बैठकर ब्रा, पेंटी को हाथ में लेकर झड़ गया. मुझे अब बहुत अच्छा लग रहा था.

फिर में बाथरूम में जाकर फ्रेश हुआ और थोड़ी देर उन ब्रा, पेंटी पर ही लेटा रहा और अपने नीचे शालिनी को महसूस करने लगा. थोड़ी देर के बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और में फिर उन ब्रा, पेंटी में शालिनी को महसूस करके हिलाने लगा. मुझे उस वक़्त बहुत मज़ा आ रहा था.. लेकिन दोस्तों में बता नहीं सकता कि अब मुझे बड़ा आराम मिल रहा था. फिर थोड़ी देर लोटने के बाद में कुछ और उसकी अलमारी में ढूढ़ने लगा.. लेकिन एक पेकेट में नेपकिन के अलावा मेरे लिए कुछ ज्यादा नहीं था. वो अब मेरा रोज का काम हो गया और सबके निकलने के बाद में रोज ऐसा करने लगा और इंतजार करने लगा कि कभी मेरा यह सपना सच भी हो सकता है या नहीं.. यही सोचने लगा और मेरी अब भूख और बढ़ने लगी कि में शालिनी के बेग के कुछ और कैसे पता करूं. फिर में बहुत बार उसके मोबाईल को चेक करने की कोशिश करने लगा.. लेकिन अलमारी की तरह वो अपने मोबाईल को भी लॉक रखती थी.

फिर एक दिन शालिनी को थोड़ा बुखार हो गया और मम्मी ने मुझे उसके रूम में सोने को ही कहा था. में भी खुशी खुशी चला गया कि शायद कुछ करने को मिले. फिर में टीवी देखने लगा और वो सो गयी.. लेकिन मेरी हिम्मत नहीं हुई कि में उसको कुछ और सोचकर हाथ भी लगाऊँ. फिर थोड़ी देर बाद मेरा ध्यान उसके मोबाईल पर पड़ा और जब मैंने चैक किया तो वो खुला हुआ था और मेरी धड़कने फिर बढ़ गयी और मैंने चोरी छिपे उसका मोबाईल उठा लिया और मैसेज चेक करने लगा. उसमे एक शेखर नाम के लड़के के बहुत सारे मैसेज थे और कुछ नॉर्मल बातों के साथ साथ सेक्सी बातों के भी मैसेज थे. उन मैसेज के जवाब में शालिनी ने भी बहुत सेक्सी मैसेज में बात की हुई थी. पहले तो मुझे अच्छा नहीं लगा.. लेकिन में कुछ बोल भी नहीं सकता था. फिर मैंने जब उसके मोबाईल में उसकी फोटो देखी तो बहुत सारी फोटो एक लड़के के साथ थी. तो मुझे अब पक्का यकीन था कि यह वही शेखर है और बहुत से फोटो में उन्होंने किस किया हुआ था और गर्दन पर किस करते हुए भी फोटो थी. फिर मेरे मन में ख्याल आया कि में एक बार उससे बात करूं.. लेकिन रुक गया. फिर मैंने एक अलग फोल्डर में चेक किया और फिर मेरे होश उड़ गये उसमे उनसे हमारी बाथरूम में कांच के सामने खड़े होकर अपनी बिना कपड़ो की फोटो खींची हुई थी.

फिर मुझे समझने में टाईम नहीं लगा कि वो फोटो शायद उसने अपने बॉयफ्रेंड के लिए खींची होगी.. लेकिन फोटो को देखकर मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया. पहले तो मैंने उस फोटो ब्लूटूथ से अपने मोबाईल में डाला और फिर बाथरूम में जाकर उस फोटो को देखते हुए अपने लंड को हिलाने लगा उसके बूब्स बहुत ही बड़े और गोल थे. मुझे फिर उसका नशा होने लगा और मन किया कि में उसी हालत में उसे डबोच लूँ और उसके कपड़े फाड़कर रेप कर दूँ.. लेकिन फिर मेरी हिम्मत नहीं हुई. फिर दिन ऐसे ही निकलते गये.. में कभी उसकी ब्रा, पेंटी को देखकर कभी उसकी नंगी फोटो को देखकर मुठ मारकर संतुष्ट होने लगा. फिर एक दिन पापा, मम्मी ने घूमने का प्लान बनाया और तय हुआ कि हम पहले ऋषिकेश और फिर मनाली घूमने जाएँगे. फिर रविवार की सुबह ही हम ऋषिकेश के लिए निकल गये एक गाड़ी करके.

पापा आगे ड्राईवर के साथ बैठे थे और शालिनी, में और मम्मी पीछे. फिर कुछ घंटो के सफर के बाद हम ऋषिकेश पहुंच गये और एक रूम लेकर रेस्ट करने लगे.. वहाँ पर ज्यादा भीड़ होने के कारण हम सिर्फ़ एक रूम ही लेकर रहे और हम सभी सफ़र से बहुत थके हुए थे और फिर हम लोग रात का खाना खाने के बाद सोने की तैयारी करने लगे. हमारा रूम बहुत बड़ा होने के कारण उसमे दो बेड लगे हुए थे जिसमे एक पर में और शालिनी और दूसरे पर मम्मी और पापा लेटे हुए थे.. लेकिन मेरा तो सोने का मन ही नहीं था. में तो बस इंतजार कर रहा था कि कब सब सोए और मुझे कुछ मौका मिल पाए. फिर शालिनी थके होने के कारण जल्दी सो गयी.. लेकिन में आंखे बंद करके मम्मी और पापा के सोने का इंतजार करने लगा.. लेकिन कुछ देर बाद कुछ धीरे धीरे बात करने की आवाज़ आई और शायद मम्मी, पापा भी हमारे सोने का इंतजार कर रहे थे.. लेकिन शायद एक रूम में सोने की वजह से कुछ समस्या थी और फिर इंतजार करते करते मेरी ही आंख लग गयी.

फिर सुबह मम्मी ने मुझे उठाया और नाश्ता करने के लिए बाहर आने को बोला.. क्योंकि में ही सबसे आखरी में उठा था और हम सभी लोगो ने फ्रेश होकर नाश्ते के लिए ऑर्डर किया और दिन का प्लान बनाने लगे. शालिनी को बाहर घूमना था.. लेकिन पापा शायद रूम में ही आराम करना चाहते थे. फिर आखरी में यही प्लान बना कि में और शालिनी घूमने जाएगें और मम्मी पापा होटेल में ही रहेंगे और आराम करेंगे और मुझे उनके वहाँ पर रुकने की वजह का आईडिया था. फिर हम तैयार होकर निकल गये..

कुछ लोगो से पूछा कि यहाँ पर घूमने के लिए कौन सी जगह है.. लेकिन वहाँ पर कुछ ख़ास नहीं था. फिर शालिनी ने कहा कि चलो होटल ही चलते है.. तो मैंने मज़ाक में कह दिया कि उनको भी तो थोड़ा प्राईवेट टाईम दो साथ रहने के लिए और वो थोड़ा मुस्कुराई और समझ गयी.. लेकिन उस बारे में ज्यादा बातचीत ना करते हुए मैंने कहा कि बोलो कहाँ पर चलना है और फिर मैंने बोला कि चलो थोड़ा और आगे चलकर देखते है. फिर रास्ते में किसी ने बताया कि आगे ही एक बहुत बड़ा झरना है और वहाँ पर बहुत से अंग्रेज लोग आते है.

तो हमने सोचा कि चलो वहीं पर चलते है और वो एरिया थोड़ा सा रोड से हटकर था और बीच में थोड़ा सा जंगल भी था.. लेकिन आगे जाकर देखा तो वाकई में एक बहुत अच्छी जगह थी जहाँ पर एक बहुत सुंदर झरना बह रहा था. मेरा तो मन वहीं पर नहाने का करने लगा.. लेकिन शालिनी मना कर रही थी. फिर हमने थोड़ा ध्यान से देखा तो वहाँ पर कुछ अंडर गारमेंट्स भी पड़े हुए थे और कुछ कॉंडम के पेकेट भी देखे और उन चीज़ो पर मेरी और शालिनी की नज़र एक साथ पड़ी.. लेकिन उसने नज़र अंदाज़ कर दिया.

तो मैंने मज़ाक में कह दिया कि यहाँ का तो माहौल ही कुछ और है. फिर शालिनी को शायद वहाँ पर रुकने में ज्यादा रूचि नहीं थी.. लेकिन मेरा वहाँ से जाने का मन नहीं था और में कपड़े उतार कर सिर्फ़ अंडरवियर में पानी में कूद पड़ा और शालिनी वहीं पर बैठकर नॉवल पढ़ने लगी. फिर वो मेरे सामने इस तरह से बैठी हुई थी कि उसकी जांघे मुझे उसकी पेंटी के साथ नज़र आ रही थी और मेरा लंड खड़ा हो गया. फिर मन किया कि उसे पानी में ही खींच लूँ और अपने लंड को हाथ से सहलाने लगा और यह सब करते हुए शायद शालिनी ने मुझे देख लिया और फिर वो मुझे चोरी से मेरी हरकतें देखने लगी. तो मैंने भी सोचा कि कुछ बात आगे बड़ाने का इससे अच्छा मौका नहीं है. तो में वहीं पर पानी में थोड़ा अंदर जाकर मुठ मारने लगा और शालिनी मुझे टेड़ी नज़र से देखने लगी.

फिर मैंने थोड़ा आगे जाकर शालिनी से मुहं घुमाकर पानी से निकलकर एक पत्थर के पीछे जाकर मुठ मारने लगा. मुझे पूरा यकीन था कि शालिनी को मेरी हरकत के बारे में 100% आईडिया है. फिर झड़ने के बाद में फिर से पानी में शालिनी के पास आ गया. तो शालिनी ने थोड़ा शैतानी सी स्टाईल में पूछा कि पानी से निकल कर कहाँ गया था? तो मैंने बोला कि में टॉयलेट गया था.. क्यों क्या हुआ? तो वो थोड़ा मुहं नीचे करके मुस्कुराई और चुप हो गयी. फिर मैंने मजे लेने के लिए बोला कि क्यों तुझे क्या लगा? तो उसने कोई जवाब नहीं दिया बस हल्का सा मुस्कुराई मुझे अब थोड़ा ग्रीन सिग्नल लगा. फिर हमने चलने का प्लान बनाया.. लेकिन मेरे गीले अंडरवियर को देखकर उसने बोला कि इसके ऊपर कैसे कपड़े पहनेगा. तो मैंने बोला कि फिर कैसे करूं? तो उसने हंसकर बोला कि इसके बिना ही पहन ले. फिर में भी झट से बोला कि बहुत अच्छा आईडिया है और फिर मैंने एक पत्थर के पीछे जाकर अंडरवियर उतार कर सीधे शर्ट पहन लिया.

फिर जब में शालिनी के पास आया तो उसने मुस्कुराते हुए कहा कि कैसा लगा रहा है? तो मैंने कहा कि बहुत खुला खुला लग रहा है. तो वो बस मुस्कुरा दी फिर हम होटल आ गये.. फिर मम्मी, पापा ने पूछा कि तुम कहाँ गये थे? तो हमने बताया कि बस यहीं पर आस पास ही घूमकर आ गये. फिर मैंने ध्यान दिया कि शालिनी मेरी तरफ कुछ ज्यादा ही ध्यान दे रही थी.. शायद उसने आज पहली बार मेरा खड़ा लंड अंडरवियर में देखा था. तो मैंने पूछा कि क्या देख रही है तो वो नज़र हटाकर बोली कि अब तो फ्रेश होकर चेंज कर ले. तो मैंने हंसते हुए धीरे से कह दिया कि ऐसे ही खुला खुला रहना में ज्यादा मज़ा आ रहा है.

फिर शालिनी ने कहा कि हाँ देख रही हूँ कि कुछ ज्यादा ही मज़ा आ रहा है और अब तू बड़ा भी हो गया है. मैंने फिर मज़ाक में कह दिया कि फिर तो अब मेरी शादी करा दो. तो अचानक मम्मी की आवाज़ आ गयी और शालिनी मम्मी के पास चली गयी और धीरे धीरे टाईम बीत गया और धीरे धीरे रात होने लगी. तो हम सब लोगो ने एक साथ बैठकर खाना खाया और सोने की तैयारी करने लगे.

फिर मैंने भी धीरे से शालिनी को बोल दिया कि तुम भी तो रात को बिना उसके सोती हो.. तुम्हे भी क्या अच्छा लगता है? फिर वो थोड़ी सी गुस्से से देखती हुई बोली कि चुपचाप सो जा और थोड़ा सुधर जा.. तो मैंने भी हंसते हुए मुहं घुमा लिया और फिर हम सब कल की तरह लेट गये और फिर मैंने धीरे से शालिनी के कानो में कहा कि शायद हम मम्मी, पापा के लिए रुकावट बन रहे है.. तो उसने कहा कि तू बहुत बिगड़ गया है और फिर हम सो गये.

फिर अगले दिन सुबह मम्मी ने मुझे उठाया और हम सब नाश्ता करने लगे. आज पापा ने बोला कि आज हमे यहाँ पर अपने किसी मिलने वाले के यहाँ पर जाना है. तो अचानक शालिनी ने बोल दिया कि नहीं पापा हम वहाँ पर बोर हो जाएँगे.. मैंने और रोहित ने तो कुछ और प्लान कर रखा है क्यों रोहित? तो मैंने भी उसकी हाँ में हाँ मिला दी. फिर मम्मी, पापा ने कहा कि ठीक है और जाने की तैयारी करने लगे और हमे कहा कि तुम लोग थोड़ा जल्दी आ जाना. तो आज शालिनी ने एक बेग हाथ में लिया हुआ था हम फिर कल वाले रास्ते पर निकल गये तो मैंने कहा कि क्या इरादा है? तो उसने बोला कि हम कल वाली जगह पर ही चलते है और आज उसने बोला कि मुझे भी पानी में मज़े करने है. तो में मन ही मन बहुत खुश होने लगा. फिर कुछ ही देर में हम वहाँ पर पहुंच गये और में झट से कपड़े उतार कर पानी में आ गया और मैंने शालिनी को भी आने को कहा.

फिर वो एक पत्थर के पीछे जाकर चेंज करके आई और वो एक बहुत ही सेक्सी काले कलर की ड्रेस में आई में तो उसे देखता ही रह गया और मेरे मुहं से निकल गया कि सेक्सी और वो हल्के से मुस्कुराते हुए पानी में आने लगी.. उसके गोरे गोरे पैरों के ऊपर काली कलर की पेंटी गजब ढा रही थी और उसकी सेक्सी सफेद बूब्स पर काली कलर की ब्रा तो ऐसे लग रही थी कि जैसे कोई मॉडल उतर आई हो.. मेरे दिमाग़ में फिर वही उसकी नंगी फोटो सामने आ गयी और मुझे नशा छाने लगा और लंड एकदम से खड़ा हो गया. फिर पानी में उतर कर मुस्कुराते हुए उसने बोला.

शालिनी : इतने ध्यान से क्या देख रहा है? कभी कोई लड़की नहीं देखी क्या?

में : देखी तो है.. लेकिन इतनी सेक्सी आज तक नहीं.

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शालिनी : तू अपनी बहन को सेक्सी बोलता है क्या शरम नहीं आती तुझे?

में : काश में तुम्हारा बॉयफ्रेंड होता.

शालिनी : होता तो क्या होता?

में : वो तो जब होता तब ही बताता.

फिर एकदम से अचानक से मेरे पास आकर उसने मुझे पानी में धक्का दे दिया और पीछे की तरफ भागने लगी. फिर में भी सम्भल कर उसे पीछे से पकड़ने लगा और मेरा लंड उसकी गांड से सट गया और उसके मुहं से एक सिसकी निकल गयी. तो मैंने बोला कि क्या हुआ? फिर वो बहुत जोर की आवाज़ में बोली कि कुछ नहीं.. तो मैंने बोला कि क्यों कैसा लग रहा है यह मौसम? फिर उसने कहा कि बहुत अच्छा और तब तक में उसे पीछे से बहुत अच्छे से पकड़ चुका था और पानी के अंदर से उसके पेट को अपने हाथों से सहला रहा था और मेरा लंड एकदम से उसकी गांड से चिपका हुआ था..

उसने अपना सर पीछे की तरफ करके मेरे कंधे पर रख दिया और फिर मैंने धीरे से उसकी गर्दन पर अपने होंठ को रख दिया और उसने एकदम से अपना हाथ अपने पीछे करते हुए मेरे लंड को पकड़ लिया जो कि बहुत तना हुआ था और फिर में अपने दोनों हाथ उसके दूध जैसे सफेद बूब्स पर ले गया और धीरे धीरे दबाने लगा और अब हम दोनों हवस में पागल होते जा रहे थे और हम सब कुछ भूल चुके थे और बस खुली हवा में पानी के अंदर एक दूसरे के शरीर से लिपटे हुए थे.

फिर ऐसे ही करते करते मैंने उसके एक कंधे से उसकी ड्रेस को नीचे कर दिया और उसका एकदम सफेद बूब्स आधे से ज्यादा बाहर आ गया और उसने मेरे लंड को और जोर से पकड़ लिया. मैंने उसके एक बूब्स को एक हाथ में लिया और दूसरा हाथ उसकी पेंटी में डाल दिया और उसकी चूत को पहली बार छूने लगा और फिर छूते ही वो पागल हो गयी और उसने पलट कर मेरी अंडरवियर में हाथ डाल दिया और मुझे लिप किस करने लगी और सिसिकियाँ लेने लगी.

मैंने भी पीछे हाथ डालकर उसकी ड्रेस ऊपर निकाल दी और वो मेरे सामने ऊपर से एकदम नंगी खड़ी थी.. दोस्तों वो क्या नज़ारा था? गोल गोल सफेद बूब्स जिसके गुलाबी कलर के चैरी जैसे निप्पल.. में तो अपने होश खो बैठा था और एक एक करके उसके निप्पल को मुहं में लेकर चूसने लगा और वो मेरे लंड को आगे पीछे करने लगी और आवाज़ें निकालने लगी.

फिर उसने धीरे से मेरे कान में बाहर चलने के लिए बोला और हम ऐसे ही बाहर निकल कर एक पत्थर के पीछे जाने लगे. फिर वहाँ पर पहुंचते ही जैसे वो पागल हो गयी हो और उसने एक झटके में मेरा लंड अंडरवियर से बाहर निकाल कर मुहं में लेकर चूसने लगी. सोचो दोस्तों एक इतनी सेक्सी लड़की जिसकी इतने प्यारे गुलाबी गुलाबी हाथों ने तुम्हारे लंड को पकड़ रखा हो और तुम्हारे लंड को आगे पीछे कर रही हो तो आपका क्या हाल हो सकता है और वही मेरा हाल था. में तो अपने आप को रोक ही नहीं पा रहा था और फिर मैंने उसको टावल बिछाकर जमीन पर लेटाया और उसकी पेंटी उतारी.. !

क्या मस्त चूत थी शालिनी की? हल्के हल्के से बाल और अंदर से एकदम गुलाबी.. मैंने भी झट से उसकी चूत पर अपने होंठ रख दिए और उसने मेरे सर को अपनी दोनों जांघो के बीच में दबा लिया और अपने कूल्हों को धीरे धीरे ऊपर उठाने लगी और फिर वो थोड़ी देर में झड़ गयी और मुस्कराते हुए वो बड़ी संतुष्ट लगी.. लेकिन में अभी ठंडा नहीं हुआ था और मैंने हल्का सा उसके ऊपर आकर अपना लंड उसके दोनों बूब्स के बीच में दबा लिया और आगे पीछे करने लगा और जब लंड आगे जाता तो वो मुहं खोल कर उसे अंदर ले लेती. फिर खुले आसमान में यह मेरा पहला सेक्स अनुभव मेरे होश उड़ा रहा था. हमे किसी का डर नहीं था और ना किसी के देखने की चिंता.. बस हम तो अपनी मस्ती में मस्त थे. फिर शालिनी ने बोला कि में और नहीं रह सकती प्लीज़ इसे नीचे डालो. तो मैंने भी ज्यादा देर ना करते हुए अपने लंड को हाथ में लिया और शालिनी की चूत पर रगड़ने लगा.. वो फिर से बिना पानी की मछली की तरह छटपटाने लगी और मुझसे लंड चूत के अंदर डालने की भीख माँगने लगी.

मैंने फिर ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर अपने लंड का सुपाड़ा उसकी चूत के अंदर डाला तो उसकी आखें फट गयी और में थोड़ा सा अच्छा महसूस करने लगा और फिर एक झटके में लंड को अंदर की तरफ पहुंचा दिया. उसके मुहं से चीख निकल पड़ी और आँखो से आँसू. में फिर नीचे होकर उसके होंठ को चूसने लगा और उसके बूब्स को दबाने लगा और मैंने मौका पाकर एक बार फिर धक्का मार दिया और अब लंड बहुत अंदर जा चुका था और वो बार बार मुझसे लंड को बाहर निकालने को बोलने लगी.. लेकिन जिस जगह पर आज मेरा लंड पहुंच चूका था.. में वहाँ से वापस नहीं लौट सकता था. फिर थोड़ा रुक कर मैंने फिर एक आखरी धक्के में अपना लंड जड़ तक शालिनी की चूत में डाल दिया और वो छटपटाने लगी और में फिर से नीचे झुककर उसको स्मूच करने लगा और बूब्स दबाने लगा. फिर थोड़ी देर बाद उसको भी जोश आ गया और हल्का सा कूल्हों को हिलाने लगी.. में समझ गया कि अब उसे मज़ा आने लगा है और फिर मैंने भी हल्के हल्के झटके लगाने शुरू कर दिए.

फिर वो दर्द में कभी मुस्कुराती तो कभी एक रांड की तरह लंड का मज़ा लेते हुए मुस्कुराती देती. फिर मेरे भी धक्को की स्पीड तेज हो चुकी थी और लंड पिस्टन की तरह अंदर बाहर हो रहा था और अब मुझे लगा कि वो झड़ने वाली है. तो मैंने धक्के और तेज कर दिए ताकि उसे और मजा मिले और फिर शालिनी का शरीर अकड़ने लगा और मेरी बहन मेरे लंड की वजह से बहुत खुश हो गई. फिर मैंने और स्पीड बढ़ा दी और गीलापन महसूस होने की वजह से पच पच की आवाजें आने लगी और फिर मुझे भी लगने लगा कि में भी झड़ने वाला हूँ. तो मैंने धक्के और तेज कर दिया 15-20 धक्को के बाद में और शालिनी एक साथ झड़ गये और थोड़ी देर एक साथ लेटे रहे और एक दूसरे को देखकर मुस्कुराते रहे. फिर मैंने ध्यान से देखा कि शालिनी के बूब्स एकदम लाल हो चुके थे और उस पर मेरे हाथों के निशान भी साफ नज़र आ रहे थे.

फिर हम ऐसे ही नंगे फिर से एक बार पानी में आ गये और एक दूसरे से सांप की तरह लिपट गये और मेरा लंड एक बार फिर उसकी टॅंगो के बीच दस्तक देने लगा और मेरी बहन मुस्कुरा रही थी और मेरा लंड पकड़ कर एक बार फिर बाहर ले आई और मेरे लंड को मुहं में लेकर चूसने लगी.

फिर जब मैंने उसे लेटने के लिए कहा तो उसने कहा कि नीचे के लिए आज इतना ही बहुत है.. बाकी बाद में और फिर अपने गुलाबी होंठ मेरे लंड पर जकड़ दिए और चूसने लगी और में उसके बालों को पकड़ कर पीछे करके उसको देखने लगा.. वो बड़े मज़े से चूस रही थी और कभी कभी एक हाथ से अपने बूब्स भी दबाती.. उसके बूब्स बॉल की तरह उछल रहे थे. फिर में यह सीन देखकर मदहोश सा होने लगा और फिर मुझे लगा कि में झड़ने वाला हूँ और वो मुझे अपने बूब्स पर झड़वाना चाहती थी.. लेकिन में उसके मुहं में झड़ना चाहता था और मेरे बहुत कहने के बाद वो मान गयी और मैंने कुछ झटको के साथ सारा वीर्य अपनी बड़ी बहन के मुहं में छोड़ दिया.

तो दोस्तों वो दिन में कभी नहीं भूल सकता जिस दिन मैंने अपनी पहली चुदाई अपनी बड़ी बहन के साथ की और उस दिन के बाद हम दोनों का बस चुदाई का ही काम था.



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